Class 5 Hindi Grammar Chapter 19 अपठित गद्यांश

NCERT Solutions for Class 5 Hindi Grammar Chapter 19 अपठित गद्यांश (Apathit Gadyansh) updated for academic session 2020-2021 with many sample Gadhyansh to practice for exams.

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Class 5 Hindi Grammar Chapter 19 Apathit Gadyansh

कक्षा: 5हिंदी व्याकरण
अध्याय: 19अपठित गद्यांश

अपठित गद्यांश

अपठित यानी ‘अ + पठित’ जिसका अर्थ है वह गद्यांश जिसे पहले नहीं पढ़ा गया हो। विद्यार्थी इन्हें पढ़ते हैं और फिर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर लिखते हैं। अपठित गद्यांश के प्रश्नों को हल करने के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए:

    • गद्यांश को बार-बार ध्यानपूर्वक पढ़िए।
    • कठिन शब्दों तथा वाक्यांशों का अर्थ समझने का प्रयास करना चाहिए।
    • सभी प्रश्नों को पढ़कर समझें फिर उत्तर लिखें।
    • बहुवैकल्पिक प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़िए, क्योंकि उनके सभी उत्तर मिलते-जुलते होते हैं। सही उत्तर छाँटने के लिए गद्यांश को समझना अति आवश्यक है।
    • यदि शीर्षक बताने के लिए पूछा जाए तो उपयुक्त शीर्षक देना चाहिए।




कुछ गद्यांश एवं उनके उत्तर

(क) किसी तालाब में एक बातूनी कछुआ रहता था। उसी तालाब के किनारे दो हंस भी रहते थे। वे तीनों आपस में मित्र थे। एक बार गरमी के मौसम में तालाब का पानी सूखने के कारण हंस दूसरे तालाब पर उड़कर जाने के लिए तैयार हो गए। कछुआ भी तैयार था, लेकिन उसे ले जाने की समस्या थी। कछुए ने उपाय बताया कि दोनों हंस अपनी चोंच में एक लकड़ी के सिरों को पकड़ लेंगे और वह उस लड़की को अपने मुँह से पकड़ लेगा, जिससे तीनों मित्र एक साथ एक ही तालाब पर रहेंगे। हंसों ने कहा कि उपाय तो अच्छा है, लेकिन बातूनी होने के कारण तुम रास्ते में बात न करने लगना नहीं तो तुम नीचे गिरकर मर जाओगे। कछुए ने कहा कि वह मूर्ख नहीं है वह अपने पैर पर स्वयं कुल्हाड़ी क्यों मारेगा? योजनानुसार वे उड़ गए। रास्ते में कुछ लोगों की बात सुनकर कछुआ बोल पड़ा और नीचे गिरकर अपनी जान खो बैठा। हमें कभी भी फालतू बातों में न पड़कर अपने लक्ष्य की तरफ़ ही ध्यान देना चाहिए।

1. तीन मित्र कौन-कौन थे?
(क) दो हंस एक कछुआ
(ख) कछुआ और हंस
(ग) एक हंस
(घ) एक कछुआ

2. किसे दूसरे तालाब में जाने की समस्या थी?
(क) हंसों को
(ख) कछुए को
(ग) लोगों को
(घ) सभी को

3. तालाब सूख गया, क्योंकि
(क) बहुत गरमी थी
(ख) बहुत सरदी थी
(ग) बहुत वर्षा थी
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

4. हंसों ने कहा कि उपाय तो अच्छा है, पर
(क) तुम बातूनी होने के कारण रास्ते में बात नहीं करना
(ख) तुम चालाक होने के कारण रास्ते में बात नहीं करना
(ग) तुम मूर्ख होने के कारण रास्ते में बात नहीं करना
(घ) तुम बुद्धिमान होने के कारण रास्ते में बात नहीं करना

5. अपने पैर पर स्वयं कुल्हाड़ी मारने का अर्थ है:
(क) अपना नुकसान स्वयं करना
(ख) अपना फ़ायदा करना
(ग) अपना कार्य स्वयं करना |
(घ) स्वयं कुल्हाड़ी मारना

उत्तर- 1. (क) 2. (ख) 3. (क) 4. (क) 4. (क)



(ख) एक दिन तेनालीराम ने देखा कि उसके घर के आस-पास कुछ चोर घूम रहे हैं। वह उनका इरादा समझ गया। उसने चारों को सुनाते हुए अपनी पत्नी से कहा, “देखो, आजकल चोरों का बड़ा ज़ोर है। अपने पास रुपया-पैसा और जो कीमती सामान है उसे एक बड़े संदूक में भर दो। मैं उसे बाग के कुएँ में छिपा दूँगा।” चोरों ने यह सुना तो बड़े प्रसन्न हुए। तेनालीराम ने एक संदूक लेकर उसमें ईंट-पत्थर भरे और उसने घर से लगे बगीचे में बने कुएँ में वह संदूक डाल दिया। रात होने पर चोर कुएँ पर आए, लेकिन किसी की भी कुएँ में घुसने की हिम्मत नहीं हुई। उन्होंने एक उपाय सोचा। वे तीन बाल्टियाँ ले आए और कुएँ से पानी निकालने लगे। रात-भर वे पानी निकालते रहे। सवेरा होने पर पकड़े जाने के डर से चोर वहाँ से भागने लगे। तभी तेनालीराम वहाँ आ पहुँचा और चोरों से बोला, “भैया, मेरा धन्यवाद तो लेते जाओ, तुम लोगों ने रात-भर मेरे बगीचे में पानी दिया है।”

1. तेनालीराम के घर के आस-पास कौन घूम रहे थे?
(क) चोर
(ख) पत्नी
(ग) माली
(घ) चौकीदार

2. तेनालीराम ने संदूक में क्या भरा?
(क) रुपये-पैसे और कीमती सामान ।
(ख) ईंट-पत्थर
(ग) बच्चों के कपड़े
(घ) खाने-पीने का सामान

3. तेनालीराम ने रुपए-पैसे और कीमती सामान कहाँ रखा?
(क) घर में
(ख) कुएँ में
(ग) संदूक में
(घ) बगीचे में

4. संदूक निकालने के लिए चोरों ने क्या किया?
(क) कुएँ में घुस गए
(ख) सवेरा होने का इंतज़ार करने लगे
(ग) कुएँ से पानी निकालने लगे
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- 1. (क) 2. (ख) 3. (क) 4. (ग)



अपठित गद्यांश से आप क्या समझते हो?

अपठित का शाब्दिक अर्थ है – जो पढ़ा नहीं गया – जो पाठ्यक्रम से जुड़ा हुआ नहीं है और जो अचानक ही पढ़ने के लिए दिया गया हो। इसमें गद्यांश से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देने को कहा जाता है। इस प्रकार इस विषय में यह अपेक्षा की जाती है कि पाठक द्वारा दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर उसी अनुच्छेद के आधार पर संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करें। प्रश्नों के उत्तर पाठक को अपनी भाषा शैली में देने होते है।

अपठित गद्यांश को हल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अपठित गद्यांश के प्रश्नों को हल करने के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए:
• गद्यांश को बार-बार ध्यानपूर्वक पढ़िए।
• कठिन शब्दों तथा वाक्यांशों का अर्थ समझने का प्रयास करना चाहिए।
• सभी प्रश्नों को पढ़कर समझें फिर उत्तर लिखें।
• बहुवैकल्पिक प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़िए, क्योंकि उनके सभी उत्तर मिलते-जुलते होते हैं। सही उत्तर छाँटने
के लिए गद्यांश को समझना अति आवश्यक है।
• यदि शीर्षक बताने के लिए पूछा जाए तो उपयुक्त शीर्षक देना चाहिए।

प्रथम गद्यांश का शीर्षक आपके विचार से क्या हो सकता है? और इससे हमें क्या शिक्षा मिलती है?

प्रथम गद्यांश का शीर्षक “बातूनी कच्छुआ” हो सकता है। इससे हमें शिक्षा मिलती है कि हमें कभी भी फालतू बातों में न पड़कर अपने लक्ष्य की तरफ़ ही ध्यान देना चाहिए।

द्वितीय गद्यांश में तेनालीराम चोरों का धन्यवाद क्यों करता है?

चारों चोर धन के लालच में रातभर कुंए से पानी बाहर फेकतें हैं जैसे ही उजाला होने लगता है तभी तेनालीराम आ जाता है और उन्हें अपने खेत में सिंचाई करने के लिए धन्यवाद कहता है।

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