Class 5 Hindi Grammar Chapter 5 सर्वनाम

NCERT Solutions for Class 5 Hindi Grammar Chapter 5 सर्वनाम (Sarvnam) and its kind updated for academic session 2021-2022 for all boards. Types of Sarvnam and their examples are given here to prepared exams and learn better about Hindi Vyakaran for Class 5.

Class 5 Hindi Grammar Chapter 5 Sarvnam

कक्षा: 5 हिंदी व्याकरण
अध्याय: 5 सर्वनाम और उसके भेद

सर्वनाम

संज्ञा के स्थान पर जिस शब्द का प्रयोग किया जाता है, उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे- वह, यह, मैं, तुम आदि।

    1. मेरे दोस्त का नाम शिखर है।
    2. शिखर पाँचवी कक्षा में पढ़ता है।
    3. शिखर के पिताजी अध्यापक हैं।
    4. शिखर की माता जी डॉक्टर हैं।
    5. शिखर पढ़ने में बहुत अच्छा है।
    6. शिखर क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी है।
    7. शिखर को कई पुरस्कार भी मिले हैं।




ऊपर के वाक्यों में ‘शिखर’ शब्द का बार-बार प्रयोग हुआ है। यह अच्छा नहीं लग रहा है। अब उन्हीं वाक्यों को इस रूप में पढ़िए:

    1. मेरे दोस्त का नाम शिखर है।
    2. वह पाँचवी कक्षा में पढ़ता है।
    3. उसके पिताजी अध्यापक हैं।
    4. उसकी माता जी डॉक्टर हैं।
    5. वह पढ़ने में बहुत अच्छा है।
    6. वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी है।
    7. उसको कई पुरस्कार भी मिले हैं।

इन वाक्यों में ‘शिखर’ संज्ञा शब्द के बदले वह, उसके, उसकी, शब्दों का प्रयोग किया गया है। ये सभी सर्वनाम हैं।

सर्वनाम के भेद

सर्वनाम के छह भेद हैं:

    • 1. पुरुषवाचक सर्वनाम
    • 2. निश्चयवाचक सर्वनाम
    • 3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
    • 4. संबंधवाचक सर्वनाम
    • 5. प्रश्नवाचक सर्वनाम
    • 6. निजवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम

वे सर्वनाम जो कहने वाले, सुनने वाले या अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात कर रहे हों) का बोध कराएँ उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: मैं, तू, वह आदि।
पुरूषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं:
(क) उत्तम पुरुष
(ख) मध्यम पुरुष
(ग) अन्य पुरुष

उत्तम पुरुष

जिस सर्वनाम को बोलने वाला अपने लिए प्रयुक्त करे उसे उत्तम पुरुष सर्वनाम कहते हैं। जैसे: मैं, हम।

मध्यम पुरुष

जिस सर्वनाम को बोलने वाला सुनने वाले के लिए प्रयुक्त करे, उसे मध्यम पुरुष सर्वनाम कहते हैं। जैसे: तू, तुम।

अन्य पुरुष

जिस सर्वनाम को बोलने वाला अन्य पुरूष के लिए प्रयुक्त करे, उसे अन्य पुरुष सर्वनाम कहते हैं। जैसे: वह, वे।

निश्चयवाचक सर्वनाम

वे सर्वनाम जो किसी वस्तु या स्थान के बारे में निश्चयपूर्वक ज्ञान कराएँ, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:
1. यह मेरी पुस्तक है।
2. वह मेरा घर है।



यहाँ ‘यह’ और ‘वह’ शब्द किसी निश्चित वस्तु की ओर संकेत कर रहे हैं। अतः ये ‘निश्चयवाचक सर्वनाम’ हैं।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

वे सर्वनाम जो किसी वस्तु का निश्चयपूर्वक ज्ञान न कराएँ उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:
1. कोई गा रहा है।
2. उसे कुछ हो गया है।

यहाँ ‘कोई’ और ‘कुछ’ शब्द निश्चयपूर्वक ज्ञान नहीं कराते। अतः ये अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।

संबंधवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम वाक्य में प्रयुक्त किसी दूसरी संज्ञा सर्वनाम से संबंध बताते हैं, उन्हें ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ कहते हैं। जैसे:
1. जैसा करोगे वैसा भरोगे।
2. जो भागेगा वह गाड़ी पकड़ लेगा।

यहाँ ‘जैसा-वैसा’ और ‘जो-वह’ शब्द दो बातों में मेल स्थापित करते हैं। अतः ये ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ हैं।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम वाक्य में किसी प्रश्न का बोध कराएँ, उन्हें ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’ कहते हैं। जैसे:
1. कौन गा रहा है?
2. वह क्या कर रहा है?

यहाँ ‘कौन’ और ‘क्या’ शब्द प्रश्न करने का बोध कराते हैं। अतः ये ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’ हैं।

निजवाचक सर्वनाम

वे सर्वनाम जो कर्ता के साथ अपनेपन का भाव प्रकट करते हैं, उन्हें ‘निजवाचक सर्वनाम’ कहते हैं। जैसे:
1. मैं अपना काम आप कर लूँगा।
2. वह स्वयं आया था।

यहाँ ‘आप’ और ‘स्वयं’ शब्द कर्ता के लिए ही प्रयुक्त हुए हैं। अतः ये ‘निजवाचक सर्वनाम’ हैं।

सर्वनाम शब्दों की रूप रचना

सर्वनाम शब्द विकारी होते हैं। परंतु लिंग के कारण इनमें कोई परिवर्तन नहीं होता।
जैसे:
1. वह खेल रहा है।
2. वह खेल रही है।

सर्वनाम के रूप
उत्तम पुरूष ‘मैं’ के रूप
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता मैं, मैंने हम, हमने
कर्म मुझको, मुझे हमको, हमें
करण मुझसे हमसे
संप्रदान मेरे लिए हमारे लिए
अपादान मुझसे हमसे
संबंध मेरा, मेरे, मेरी हमारा, हमारे, हमारी
अधिकरण मुझमें, मुझ पर हममें, हम पर



मध्यम पुरूष ‘तू’ के रूप
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता तू, तूने तुम, तुमने
कर्म तुझको, तुझे तुमको, तुम्हें
करण तुझसे तुमसे
संप्रदान तेरे लिए तुम्हारे लिए
अपादान तुझसे तुझसे
संबंध तेरा, तेरे, तेरी तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी
अधिकरण तुझमें, तुझपर तुममें, तुम पर
अन्य पुरुष ‘वह’ के रूप
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता वह, उसने वे, उन्होंने
कर्म उसको उनको
करण उससे उनसे
संप्रदान उसके लिए उनके लिए
अपादान उससे उनसे
संबंध उसका, उसके, उसकी उनका, उनके, उनकी
अधिकरण उसमें, उस पर उनमें, उन पर

निश्चयवाचक ‘यह’ के रूप

कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता यह, इसने ये, इन्होंने
कर्म इसको इनको
करण इससे इनसे
संप्रदान इसके लिए इनके लिए
अपादान इससे इनसे
संबंध इसका, इसके, इसकी इनका, इनके, इनकी
अधिकरण इसमें, इस पर इनमें, इन पर
अनिश्चयवाचक ‘कोई’ के रूपकर्ता
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कोई, किसी ने किन्हीं ने
संबंधवाचक ‘जो’ के रूपकर्ता
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता जो, जिसने जो, जिन्होंने

सर्वनाम की परिभाषा उद्धाहरण देकर समझाइये।

संज्ञा के स्थान पर जिस शब्द का प्रयोग किया जाता है, उसे सर्वनाम कहते हैं। जैसे- वह, यह, मैं, तुम आदि।
मेरे दोस्त का नाम शिखर है। वह पाँचवी कक्षा में पढ़ता है। उसके पिताजी अध्यापक हैं। उसकी माता जी डॉक्टर हैं। वह पढ़ने में बहुत अच्छा है। वह क्रिकेट का अच्छा खिलाड़ी है। उसको कई पुरस्कार भी मिले हैं।
इन वाक्यों में ‘शिखर’ संज्ञा शब्द के बदले वह, उसके, उसकी, शब्दों का प्रयोग किया गया है। ये सभी सर्वनाम हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं? और इसके कितने भेद हैं?

वे सर्वनाम जो कहने वाले, सुनने वाले या अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात कर रहे हों) का बोध कराएँ उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: मैं, तू, वह आदि।
पुरूषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं:
(क) उत्तम पुरुष
(ख) मध्यम पुरुष
(ग) अन्य पुरुष

सम्बन्धवाचक सर्वनाम से आप क्या समझते हैं?

जो सर्वनाम वाक्य में प्रयुक्त किसी दूसरी संज्ञा सर्वनाम से संबंध बताते हैं, उन्हें ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ कहते हैं। जैसे:
1. जैसा करोगे वैसा भरोगे।
2. जो भागेगा वह गाड़ी पकड़ लेगा।
यहाँ ‘जैसा-वैसा’ और ‘जो-वह’ शब्द दो बातों में मेल स्थापित करते हैं। अतः ये ‘संबंधवाचक सर्वनाम’ हैं।

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