Class 5 Hindi Grammar Chapter 6 विशेषण

NCERT Solutions for Class 5 Hindi Grammar Chapter 6 विशेषण (Visheshan) and its kind for the current education session 2021-2022 for CBSE and state board students. Contents are free to use or download in PDF file format.

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Class 5 Hindi Grammar Chapter 6 Visheshan

कक्षा: 5 हिंदी व्याकरण
अध्याय: 6 विशेषण और उसके भेद

विशेषण किसे कहते हैं?

जो शब्द संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों के गुण, संख्या, मात्रा, अवस्था आदि की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।
चित्रों के नीचे लिखे वाक्य पढ़िए:
1. हरा पत्ता
2. चौथी पुस्तक
3. पतली औरत

यहाँ पत्ता, पुस्तक तथा औरत संज्ञा शब्द हैं। हरा, चौथी तथा पतली विशेषण शब्द हैं, जो इन संज्ञा शब्दों की विशेषता बता रहे हैं। विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं। विशेषण के भेद-विशेषण के चार भेद होते हैं:

    • गुणवाचक
    • संख्यावाचक
    • परिमाण वाचक
    • सार्वनामिक




गुणवाचक विशेषण

वे विशेषण जो संज्ञा शब्दों के गुण, दोष, आकार तथा रंग आदि की विशेषताएँ बताते हैं, गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं। जैसे:

गुण-दोष: अच्छा, बुरा, सुंदर, मुलायम, मीठा, खटा, शुद्ध, वीर आदि।
आकार: लंबा, चौड़ा, छोटा, बड़ा, मोटा, पतला, नाटा, गोल, चौकार आदि।
रंग: काला, लाल, पीला, नीला, नारंगी, आसमानी आदि।
स्थान: भारतीय, जापानी, ग्रामीण, शहरी, पहाड़ी रेगिस्तानी आदि।
स्वभाव: शांत, कमजोर, बुदधिमान, गुस्सैल, गंभीर आदि।
स्थिति: गरीब, बीमार, प्रसन्न, क्रुद्ध, उदास आदि।

संख्यावाचक

वे विशेषण जो संज्ञा शब्दों की संख्या का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसके तीन भेद होते हैं:

    • (i). निश्चित संख्यावाचक विशेषण (दो, सात, हज्जार, आदि)
    • (ii). अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (कुछ, कई, बहुत से, आदि)
    • (iii). क्रमिक संख्यावाचक विशेषण (तीसरा, दसवां, पहला, आदि)

परिमाणवाचक विशेषण

जो विशेषण संज्ञा के परिमाण (नाप-तौल) का बोध कराते हैं, उन्हें परिणामवाचक विशेषण कहते हैं
मापने के शब्द : तीन लीटर (दूध), एक कटोरी (घी)
मापने के शब्द : दो मीटर (कपड़ा), सौ गज (जमीन)
तौलने के शब्द : एक किलो (आटा), सौ ग्राम (लाल मिर्च) आदि।
ये तो सब निश्चित परिमाणवाचक विशेषण हैं। इनके अतिरिक्त अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण होते हैं। जैसे: कुछ लोग, थोड़ा-सा दूध, बहुत धन आदि।

सार्वनामिक विशेषण

वे सर्वनाम जो किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता हैं, उन्हे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे:
वे फल
ये लाग
यह किताब
ये बच्चे
सार्वनामिक विशेषण की पहचान यह है कि वाक्य मे सर्वनाम और संज्ञा हमेशा साथ-साथ आते हैं।



विशेषण की रचना

संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और अव्यय शब्दों में कुछ शब्दांश जोड़कर विशेषण बनाए जा सकते हैं।

संज्ञा से विशेषण
संज्ञा विशेषण
घर घरेलू
भारत भारतीय
ग्राम ग्रामीण
रंग रंगीन
आदर आदरणीय
नमक नमकीन
सर्वनाम से विशेषण
सर्वनाम विशेषण
मैं मेरा
वह वैसा
यह ऐसा
क्रिया से विशेषण
क्रिया विशेषण
पढ़ना पढ़ाकू
लड़ना लड़ाकू
देखना दिखाऊ
अव्यय से विशेषण
अव्यय विशेषण
भीतर भीतरी
बाहर बाहरी
ऊपर ऊपरी

जब दो या अधिक व्याक्तियों या वस्तुओं में तुलना की जाती है, तब भी विशेषण का प्रयोग होता है। यह प्रयोग तीन प्रकार से होता है:

    1. जब किसी से तुलना न की जाए, केवल विशेषता बताई जाए- मिताली बहुत अच्छी है।
    2. जब दो वस्तुओं या व्यक्तियों के बीच गुण या दोष की तुलना की जाती है- लता मिताली से अच्छी है। इसमें से अधिक, से बढ़कर, की अपेक्षा, से बड़ा, से कम आदि का प्रयोग किया जाता है।
    3. जब दो से अधिक वस्तु या व्यक्तियों में से किसी एक को शंष से किसी विशेषता के आधार पर सबसे आगे रखा जाता है है। जैसे- सीमा सबसे अच्छी है।

गुणवाचक विशेषण क्या है ?

जो शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्था, स्थिति, स्वभाव, दशा, दिशा, स्पर्श, गंध, स्वाद आदि का बोध कराए, गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं।
उद्धाहरण:
गुणबोधक: अच्छा, भला, शिष्ट, सभ्य, नम्र, सुशील, कर्मठ आदि।
दोषबोधक: बुरा, अशिष्ट, असभ्य, उद्दंड, दुश्शील, आलसी आदि।
रंगबोधक: काला, लाल, हरा, पीला, मटमैला, सफेद, चितकबरा आदि।

परिणामवाचक विशेषण क्या है ?

वे शब्द जो विशेष्यों की मात्रा (नाप, माप, तौल) का बोध कराते हैं, परिमाणवाचक विशेषण कहलाते है। ध्यान रखें कि परिमाणवाचक विशेषण में माप तौल की इकाई जरुर दी होगी l इस विशेषण का एकमात्र विशेष्य द्रव्यवाचक संज्ञा है।
उद्धाहरण:
(i). थोड़ा दूध दीजिए, बच्चा भूखा है।
(ii). रामू के खेत में दस क्विंटल गेहूँ पैदा हुए।

संख्यावाचक एवं परिमाणवाचक विशेषण में क्या अंतर है?

संख्यावाचक में गणना होती है जबकि परिमाणवाचक में नापा या तौला जाता है।
संख्यावाचक में संख्या के बाद कोई संज्ञा या सर्वनाम शब्द होता है जबकि परिमाणवाचक में संख्या के बाद नाप, माप, तौल की इकाई होती है और उसके बाद पदार्थ (जातिवाचक संज्ञा) होता है।

सार्वनामिक विशेषण और सर्वनाम में क्या अंतर है?

यदि इन शब्दों का प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम शब्द से पहले हो, तो यह सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं और यदि ये अकेले अर्थात् संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हेा तो सर्वनाम कहलाते हैं।
उद्धाहरण:
(i). यह लड़की बहुत बुद्धिमती है। (सार्वनामिक विशेषण)
(ii). यह बहुत बुद्धिमती है। (निश्चयवाचक विशेषण)

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