Class 6 Hindi Grammar Chapter 19 वाक्य

Class 6 Hindi Grammar Chapter 19 वाक्य (Vakya). You will learn here about Class 6 Vyakaran वाक्य and वाक्य के भेद with example and explanation updated for current academic year 2020-2021.

Class 6 Hindi Vyakaran Vakya chapter explains about what the वाक्य is and the purpose to use Vakya in Hindi sentences.

कक्षा 6 के लिए हिन्दी व्याकरण पाठ 19 वाक्य तथा उसके भेद

कक्षा: 6हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 19वाक्य तथा उसके भेद

वाक्य किसे कहते हैं?

ऐसा शब्द-समूह जो अपना अर्थ स्पष्ट कर दे, वाक्य कहलाता है। वाक्य भाषा की एक संपूर्ण इकाई होता है। वाक्य के अंग कर्ता और क्रिया वाक्य के अनिवार्य अंग हैं। इनके बिना वाक्य नहीं बनते। वाक्य में और भी अनेक तत्व होते हैं परंतु वाक्यों की रचना के लिए इन दो तत्वों का होना आवश्यक है। वाक्य के दो अंग होते हैं:

    • उद्देश्य
    • विधेय




उद्देश्य

वाक्य में जिसके विषय में कुछ बात कही जाए, उसे उद्देश्य कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए और शब्दों पर ध्यान दीजिए-

    • गाँधीजी ने हमें स्वतंत्रता दिलाई।
    • भारत एक प्राचीन देश है।
    • बच्चे पढ़ रहे हैं।

इन वाक्यों में गाँधीजी, भारत तथा बच्चे के विषय में कुछ बताया गया है। ये उद्देश्य हैं। “उद्देश्य” को कर्ता भी कहते हैं।

विधेय

वाक्य में उद्देश्य के विषय में जो कुछ कहा जाता है, वह विधेय कहलाता है। इसमें क्रिया कर्म आदि आते हैं। इन वाक्यों में उद्देश्यों के बारे में कुछ-न-कुछ कहा गया है। “हमें स्वतंत्रता दिलाई”, “प्राचीन देश है” एवं “पढ़ रहे हैं” इसमें गाँधीजी, भारत एवं बच्चे के बारे में कहा गया है। ये विधेय हैं। विधेय में कर्म और क्रिया आदि सम्मिलित रहते हैं।
जिस प्रकार कुछ शब्द उद्देश्य की विशेषता बताने के लिए आते हैं, उसी प्रकार कुछ शब्द विधेय में आए “कर्म” और “क्रिया” की विशेषता बताने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। नीचे दिए गए उदाहरणों को पढ़िए-

    1. राम पढ़ता है।
    2. राम मन लगाकर पढ़ता है।

ऊपर के दोनों वाक्यों में “पढ़ता है” कर्म है। दूसरे वाक्य में “मन लगाकर पढ़ता है” कर्म की विशेषता बता रहे हैं। कर्म की विशेषता बताने वाले शब्द “कर्म का विस्तार कहे जाते हैं।“




वाक्य के भेद

वाक्य के भेद के दो आधार हैं-

    • (क) रचना के आधार पर वाक्य के भेद,
    • (ख) अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद
रचना के आधार पर

रचना के अनुसार वाक्य तीन प्रकार के होते हैं-

    • (क) सरल या साधारण वाक्य
    • (ख) संयुक्त वाक्य
    • (ग) मिश्रित वाक्य
सरल या साधारण वाक्य

जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य (कर्ता) और एक ही विधेय हो, उसे सरल या साधारण वाक्य कहा जाता है।

    • (क) स्वाती खाना खा रही है।
    • (ख) बाघ घूम रहा है।
    • (ग) रोहित गीता पढ़ रहा है।

इन सब वाक्यों में कर्ता एक-एक है और क्रिया भी एक-एक है। अतः ये सब वाक्य सरल वाक्य हैं।




संयुक्त वाक्य

जहाँ दो या दो से अधिक साधारण वाक्य किसी समुच्चयबोधक द्वारा जुड़े रहते हैं, वे संयुक्त वाक्य कहलाते हैं। जैसे-

    • (क) नेहा ने खाना खाया, बस्ता उठाया और स्कूल चली गई।
    • (ख) मोर नाच रहा है परंतु मोरनी चुपचाप बैठी है।

ये वाक्य दो-दो सरल उपवाक्यों से जुड़े हुए हैं। इनको और, परंतु अतः योजक- (समुच्चयबोधक) जोड़े हुए हैं, अतः ये संयुक्त वाक्य हैं।

मिश्रित वाक्य

जिन वाक्यों में एक उपवाक्य प्रधान और अन्य उपवाक्य गौण होते हैं, उन्हें मिश्रित वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) भूगोल में हमने पढ़ा है कि पृथ्वी गोल है।
    • (ख) रवि आज स्कूल नहीं आया क्योंकि वह बीमार है।

मिश्रित वाक्य में एक मुख्य या प्रधान उपवाक्य होता है और दूसरा आश्रित या गौण वाक्य होता है। आश्रित उपवाक्य एक से अधिक हो सकते हैं।उपवाक्य मिश्रित और संयुक्त वाक्यों में एक से अधिक वाक्य समुच्चयबोधकों द्वारा जुड़े होते हैं। वाक्य में जुड़े ऐसे वाक्यों को उपवाक्य कहते हैं।
उपवाक्य दो प्रकार के होते हैं:

    1. आश्रित उपवाक्य,
    2. स्वतंत्र उपवाक्य
आश्रित उपवाक्य

जो उपवाक्य अपने अर्थ के लिए दूसरे पर आश्रित रहता है, उसे आश्रित उपवाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) सीता ने बताया कि वह बीमार है।
    • (ख) यह वह कमीज है जिसे मैंने लुधियाना में खरीदा था।

उपर्युक्त वाक्यों में “वह बीमार है” वाक्य आश्रित उपवाक्य हैं।



स्वतंत्र उपवाक्य

जो उपवाक्य अपने अर्थ के लिए दूसरे वाक्य पर आश्रित नहीं रहता, उसे स्वतंत्र उपवाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) विमल परिश्रमी है परंतु उसका भाई आलसी है।
    • (ख) तुम पढ़ लो या सो जाओ।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयुक्त दोनों वाक्य स्वतंत्र उपवाक्य हैं। स्वतंत्र उपवाक्य “तथा”, “और”, “किंतु”, “परंतु”, “या” आदि अव्ययों से जुड़े रहते हैं।

अर्थ के आधार पर वाक्य में भेद

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के आठ भेद होते हैं:

    • 1. विधानार्थक वाक्य
    • 2. निषेधात्मक या नकारात्मक
    • 3. इच्छावाचक वाक्य
    • 4. प्रश्नवाचक वाक्य
    • 5. आज्ञावाचक वाक्य
    • 6. संकेतवाचक वाक्य
    • 7. विस्मयवाचक वाक्य
    • 8. संदेहवाचक वाक्य
विधानार्थक वाक्य

जिन वाक्यों से किसी कार्य के करने का सामान्य बोध होता है, उन्हें विधानार्थक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) राकेश व्यायाम कर रहा है। (काम का करना)
    • (ख) गीता बीमार है। (बात का होना)
निषेधात्मक या नकारात्मक वाक्य

जब वाक्य से किसी बात के न होने या काम के करने का बोध हो, उसे निषेधात्मक या नकारात्मक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) आयुष व्यायाम नहीं कर रहा है।
    • (ख) कक्षा में शोर मत मचाओ।




इच्छावाचक वाक्य

जिन वाक्यों से दूसरों के लिए आशीर्वाद, इच्छा आदि का बोध हो, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) आपका जीवन सुखी हो। भगवान सबका भला करे।
    • (ख) अब चलिए बहुत थक गए हैं।
प्रश्नवाचक वाक्य

जिन वाक्यों में प्रश्न पूछा जाए, उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) तुम्हारे पिताजी का क्या नाम है?
    • (ख) कल तुम कहाँ गए थे?
आज्ञावाचक वाक्य

जिन वाक्यों से आज्ञा, अनुमति, प्रार्थना आदि का बोध हो, उन्हें आज्ञावाचक कहते हैं। जैसे-

    • (क) सदा सत्य बोलो।
    • (ख) तुम यहाँ से चले जाओ।
संकेतवाचक वाक्य

जिस वाक्य के द्वारा संकेत या शर्त का बोध हो, उसे संकेतवाचक वाक्य कहा जाता है। जैसे-

    • (क) प्रणव का फोन आएगा तो आयुष जाएगा। (शर्त)
    • (ख) वर्षा रुक जाती तो बाजार जाते। (संकेत)
विस्मयवाचक वाक्य

जिन वाक्यों के द्वारा विस्मय, हर्ष, शोक, घृणा, प्रशंसा आदि के भाव प्रकट किए जाते हैं, उन्हें विस्मयादिवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) शाबाश! तुमने कमाल कर दिया। (हर्ष)
    • (ख) अरे! तुम आ गए। (विस्मय)
संदेहवाचक वाक्य

जिन वाक्यों में काम होने के प्रति संदेह या सम्भावना हो, उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहते हैं। जैसे-

    • (क) पता नहीं कविता आएगी या नहीं। (संदेह)
    • (ख) आज वर्षा हो सकती है। (संभावना)



वाक्यों का रूपांतरण

    1. वाच्य में परिवर्तन करके
    2. रचना की दृष्टि से वाक्यों का रूपांतरण
    3. अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तन

वाच्य में परिवर्तन करके इस प्रकार के परिवर्तन में कुछ शब्द, योजक आदि अपनी ओर से जोड़ने पड़ते हैं, किन्तु यह ध्यान रखना चाहिए कि वाक्य के अर्थ में परिवर्तन न हो। कुछ उदाहरण नीचे दिए जा रहे हैं-

वाक्य प्रकारवाक्य
(क) साधारण वाक्यराकेश के आते ही रमेश चल दिया।
मिश्रित वाक्यजैसे ही राकेश आया, रमेश चल दिया।
संयुक्त वाक्यरोकश आया और रमेश चल दिया।
(ख) साधारण वाक्यबच्चे स्कूल पढ़ने जा रहे हैं।
मिश्रित वाक्यबच्चे इसलिए स्कूल जा रहे हैं ताकि वे वहाँ पढ़ाई कर सकें।
संयुक्त वाक्यबच्चे इसलिए स्कूल जा रहे हैं ताकि वे वहाँ पढ़ाई कर सकें।
Class 6 Hindi Grammar Chapter 19
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