Class 6 Hindi Grammar Chapter 30 पत्र लेखन

Class 6 Hindi Grammar Chapter 30 पत्र लेखन (Patra Lekhan). Here will study about the types of letter writing and samples of पत्र in formal and informal formats.

All the contents are prepared for new academic session 2020-2021. Examples and explanation of each type of पत्र लेखन are given here for practice. Practice here to score good marks in school tests and terminal exams.

कक्षा 6 हिन्दी व्याकरण पाठ 30 पत्र लेखन

कक्षा: 6हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 30पत्र लेखन

पत्र लेखन

बच्चो, पत्रों का हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। प्रतिदिन हमें अनेक प्रकार के पत्र लिखने पड़ते हैं। यह एक ऐसी विद्या है, जिसके माध्यम से हम अपने भावों तथा विचारों की अभिव्यक्ति प्रभावपूर्ण ढंग से कर सकते हैं। पत्रों के रूप – पत्र मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

    • औपचारिक पत्र
    • अनौपचारिक पत्र




औपचारिक पत्र

औपचारिक पत्रों के अंतर्गत वे पत्र आते हैं जिन्हें उन लोगों को लिखा जाता है जिनसे हमारा कोई निजी परिचय या संबंध नहीं होता। जैसे- आवेदन-पत्र, शिकायती पत्र, व्यावसायिक पत्र आदि।

अनौपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्रों के अंतर्गत वे पत्र आते हैं जिन्हें उन लोगों को लिखा जाता है जिनसे हमारा कोई निजी परिचय या संबंध होता। जैसे- पिताजी, माताजी। भाई-बहन आदि के लिए पत्र।

औपचारिक पत्र उदाहरण

1. शिकायती पत्र : स्वास्थ्य अधिकारी को मोहल्ले की सफाई हेतु शिकायती पत्र

सेवामें,
स्वास्थ्य अधिकारी, नई दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन,
पश्चिम विहार, नई दिल्ली
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले की दयनीय सफाई-व्यवस्था की ओर दिलाना चाहती हूँ। यहाँ आजकल हर तरफ कूड़ा ही कूड़ा फैला हुआ है। चारों तरफ गंदगी एवं बदबू का ही शासन है। सफाई-कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऊपर से बरसात के मौसम में हालत बड़ी दयनीय हो गई है।
कृपया इस ओर विशेष ध्यान देकर सफाई-व्यवस्था को दुरुस्त करवाएँ अन्यथा बीमारियाँ फैलते देर नहीं लगेगी।
भवदीय:
स्वाती




2. व्यावसायिक पत्र: पुस्तकें मँगवाने के लिए पुस्तक विक्रेता को आदेश पत्र

सेवामें, दिनांक 07 मार्च, 20xx
व्यवस्थापक महोदय,
तिवारी पब्लिशिंग हाउस राजधानी पार्क,
दिल्ली- 1100xx
महोदय,
मुझे नीचे दिए गए पुस्तकों की आवश्यकता है, जो आपके द्वारा प्रकाशित की गई हैं। मैं अग्रिम के रूप में 3000 रुपये मनीआर्डर द्वारा भिजवा रहा हूँ। आप इन पुस्तकों को वी० पी० पी० द्वारा भिजवा दें।
पुस्तकों का आदेश-
1. हिंदी रागिनी भाग-6,
2. हिंदी व्याकरण भाग-6,
3. इंगलिश ग्रामर भाग-6,
4. कथा सुमन भाग-6
5 प्रतियाँ कृपया उचित कमीशन काटकर भेजे। तथा ध्यान रहे, पुस्तकें कटी-फटी न हों।
धन्यवाद। भवदीय :
राजू भटनागर
364, विकासपुरी, नई दिल्ली

अनौपचारिक पत्र उदाहरण

1. भाई के विवाह पर अपने मित्र रोहन को निमंत्रण-पत्र

बी-1/107, संजय इनक्लव, 2 मई, 20xx
नई-दिल्ली- 1100xx
प्रिय मित्र अमित,
बहुत दिनों से आपकी तरफ से कोई पत्र नहीं मिला। अत्यधिक व्यस्तता के कारण मैं तुमको पत्र नहीं लिख सका। आज एक शुभ समाचार देने के लिए मैं तुमको पत्र लिख रहा हूँ। मेरे बड़े भैया का शुभ-विवाह दिनांक 10 मई, 20xx को होना निश्चित हुआ है। मेरा तुमसे अनुरोध है, कि तुम इस शुभ अवसर पर पधारकर हमें अनुगृहीत करें। इस पत्र के साथ मैं घर के अन्य सदस्यों के लिए भी निमंत्रण पत्र भेज रहा हूँ। मुझे विश्वास है कि तुम सभी इस अवसर पर अवश्य आओगे। चाचा-चाची से आशीर्वाद पाकर भैया और भाभी को विशेष प्रसन्नता होगी।
रोहन, तुम अपने आने की सूचना अवश्य देना ताकि मैं रेलवे स्टेशन तुम्हें लेने के लिए पहुँच जाऊँ। शेष बातें मिलने पर होंगी।
तुम्हारा मित्र
राकेश



2. जन्मदिन पर भेजे गए उपहार के लिए चाचाजी को धन्यवाद पत्र

पूज्य चाचाजी, दिनांक 22 अप्रैल, 20xx
सादर प्रणाम, मेरे जन्मदिवस पर आपके द्वारा भेजा गया सुंदर उपहार मिला। आपके द्वारा भेजी गई सुंदर घड़ी और आकर्षक पेन ने सबका मन मोह लिया। वास्तव में ये दोनों वस्तुएँ मेरे लिए बड़ी उपयोगी हैं और मैं इनका सदुपयोग करूँगा। एक बार फिर इन उपयोगी एवं आकर्षक उपहारों के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। चाची जी को प्रणाम एवं मन्नू को प्यार।
आपका रोहित

3. पिताजी से कुछ रुपये मँगवाने के लिए पत्र

ए० पी० जे० छात्रावास, 18 अगस्त, 20xx
पटना
पूजनीय पिताजी,
सादर चरण-स्पर्श आपको यह जानकर हर्ष होगा कि प्रथम तिमाही की परीक्षा में मैंने 87% अंक प्राप्त किए हैं तथा मैं कक्षा में द्वितीय स्थान पर रहा हूँ। मुझे अपनी कक्षा का मॉनीटर भी बना दिया गया है।
हमारी कक्षा पिकनिक पर नैनीताल जा रही है। मुझे भी पिकनिक पर जाने के लिए 2000 रुपये जमा करवाने होंगे। इसके अलावा मुझे कुछ पुस्तकें एवं स्टेशनरी आदि खरीदनी हैं। अतः आप 3000 रुपये मनीआर्डर द्वारा भिजवा दें।
माताजी स्वस्थ एवं प्रसन्न होंगी। स्वाती की पढ़ाई ठीक चल रही होगी।
आपका प्रिय पुत्र
सूरज



4. भाई को परीक्षा में मिली सफलता पर बधाई पत्र

रानी बाग, पीतमपुरा, 25 मई, 20xx
नई-दिल्ली- 1100xx
प्रिय विकास,
सप्रेम नमस्कार, अभी-अभी समाचार मिला कि तुम परीक्षा में 98% अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हो और प्रथम आए हो। यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। यह सब तुम्हारी लगन एवं कड़ी मेहनत का ही नतीजा है। तुमने पिताजी-माताजी एवं परिवार का नाम रोशन कर दिया है।
घर में परिजनों एवं मित्रों के बधाई-संदेश आ रहे हैं। हम सभी बड़े आह्लादित हैं। ईश्वर करें, तुम भविष्य में भी इसी प्रकार की सफलताएँ प्राप्त करते रहो।
तुम्हारा भाई
अजीत

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