Class 7 Hindi Grammar Chapter 10 संज्ञा का रूप परिवर्तन

Class 7 Hindi Grammar Chapter 10 संज्ञा का रूप परिवर्तन (Sangya ka Roop Parivartan). In Class 7 Hindi Vyakaran, we will discuss about the different forms of Sangya which are useful for session 2021-2022.

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कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 10 संज्ञा का रूप परिवर्तन

कक्षा: 7 हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 10 संज्ञाओं का रूप परिवर्तन

संज्ञा का रूप परिवर्तन

संज्ञा, सर्वनाम शब्दों के कारकों के रूप में लिंग, वचन के अनुसार परिवर्तन आ जाता है। इसे ही रूप-परिवर्तन या रूप-रचना कहते हैं। कारकीय रूप-रचना के लिए मूल संज्ञा शब्द विकृत रूप धारण करते हैं, तो उनमें निम्नलिखित परिवर्तन करते हैं। यहाँ प्रत्येक वर्ग की संज्ञाओं के उदाहरण दिए जा रहे हैं:




अकारांत पुल्लिग शब्द “बालक”

कारकएकवचनबहुवचन
कर्ता बालक नेबालकों ने
कर्म बालक को बालकों को
करण बालक से, बालक के द्वाराबालकों से, बालकों के द्वारा
संप्रदान बालक को, बालक के लिए बालकों को, बालकों के लिए
अपादान बालक से बालकों से
संबंध बालक का, बालक के, बालक की बालकों का, बालकों के , बालकों की
अधिकरण बालक में, बालक पर बालकों में, बालकों पर
संबोधन हे बालक! हे बालको!
आकारांत पुल्लिग शब्द “राजा”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता राजा, राजा ने राजाओं ने
कर्म राजा को राजाओं को
करण राजा से, राजा के द्वारा राजाओं से, राजाओं के द्वारा
संप्रदान राजा को, राजा के लिए राजाओं को, राजाओं के लिए
अपादान राजा से राजाओ से
संबंध राजा का, राजा के, राजा कीराजाओं का, राजाओं के, राजाओं की
अधिकरण राजा में, राजा पर राजाओं में, राजाओं पर
संबोधन हे राजा! हे राजाओ!
इकारांत पुल्लिग शब्द “मुनि”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता मुनि, मुनि ने मुनि, मुनियों ने
कर्म मुनि को मुनियों को
करण मुनि से, मुनि के द्वारा मुनियों से, मुनियों के द्वारा
संप्रदान मुनि का, मुनि के लिएमुनियों को, मुनियों के लिए
अपादान मुनि से मुनियों से
संबंध मुनि का, मुनि के, मुनि की मुनियों का, मुनियों के, मुनियों की
अधिकरण मुनि में, मुनि पर मुनियों में, मुनियों पर
संबोधन हे मुनि! हे मुनियो!
ईकारांत पुल्लिग शब्द “हाथी”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता हाथी नेहाथियों ने
कर्म हाथी को हाथियों को
करण हाथी से, हाथी के द्वारा हाथियों से, हाथियों के द्वारा
संप्रदान हाथी को, हाथी के लिए हाथियों को, हाथियों के लिए
अपादान हाथी से हाथियों से
संबंध हाथी का, हाथी के, हाथी की हाथियों का, हाथियों के, हाथियों की
अधिकरण हाथी में, हाथी पर हाथियों में, हाथियों पर
संबोधन हे हाथी! हे हाथियो!




ऊकारांत पुल्लिग शब्द “बाबू”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता बाबू ने बाबुओं ने
कर्म बाबू को बाबुओं को
करण बाबू को, बाबू के द्वारा बाबुओं को, बाबुओं के द्वारा
संप्रदान बाबू को, बाबू के लिए बाबुओं को, बाबुओं के लिए
अपादान बाबू से बाबुओं से
संबंध बाबू का, बाबू के, बाबू की बाबुओं का, बाबुओं के, बाबुओं की
अधिकरण बाबू में, बाबू पर बाबुओं में, बाबुओं पर
संबोधन हे बाबू! हे बाबुओ!
अकारांत स्त्रीलिंग शब्द “बहन”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता बहन, बहन ने बहनें, बहनों ने
कर्म बहन को बहनों को
करण बहन से, बहन के द्वारा बहनों से, बहनों के द्वारा
संप्रदान बहन को, बहन के लिए बहनों को, बहनों के लिए
अपादान बहन से (पृथक्) बहनों से (पृथक्)
संबंध बहन का, बहन के, बहन की बहनों का, बहनों के, बहनों की
अधिकरण बहन में, बहन पर बहनों में, बहनों पर
संबोधन हे बहन! हे बहनो!
आकारांत स्त्रीलिंग शब्द “कन्या”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कन्या, कन्या ने कन्याएँ, कन्याओं ने
कर्म कन्या को कन्याओं को
करण कन्या से, कन्या के द्वारा कन्याओं से, कन्याओं के द्वारा
संप्रदान कन्या को, कन्या के लिए कन्याओं को, कन्याओं के लिए
अपादान कन्या से (पृथक्) कन्याओं से (पृथक्)
संबंध कन्या का, कन्या के, कन्या की कन्याओं का, कन्याओं के, कन्याओं की
अधिकरण कन्या में, कन्या पर कन्याओं में, कन्याओं पर
संबोधन हे कन्या! हे कन्याओ!
ईकारांत स्त्रीलिंग शब्द- “देवी”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता देवी, देवी ने देवियाँ, देवियों ने
कर्म देवी को देवियों को
करण देवी से, देवी के द्वारा देवियों से, देवियों के द्वारा
संप्रदान देवी को, देवी के लिए देवियों को, देवियों के लिए
अपादान देवी से (पृथक्) देवियों से (पृथक्)
संबंध देवी का, देवी के, देवी की देवियों का, देवियों के, देवियों की
अधिकरण देवी में, देवी पर देवियों में, देवियों पर
संबोधन हे देवी! हे देवियो!
ऊकारांत स्त्रीलिंग शब्द “बहू”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता बहू, बहू ने बहुएँ, बहुओं ने
कर्म बहू को बहुओं को
करण बहू से, बहू के द्वारा बहुओं से, बहुओं के द्वारा
संप्रदान बहू को, बहू के लिए बहुओं को, बहुओं के लिए
अपादान बहू से (पृथक्) बहुओं से
संबंध बहू का, बहू के, बहू की बहुओं का, बहुओं के, बहुओं की
अधिकरण बहू में, बहू पर बहुओं में, बहुओं पर
संबोधन हे बहू! हे बहुओ!

औकारांत स्त्रीलिंग शब्द “गौ”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता गौ, गौ ने गौएँ, गौओं ने
कर्म गौ को गौओं को
करण गौ से, गौ के द्वारा गौओं से,गौओं के द्वारा
संप्रदान गौ को, गौ के लिए गौओं को, गौओं के लिए
अपादान गौ से (पृथक्) गौओं से (पृथक्)
संबंध गौ का, गौ के, गौ की गौओं का, गौओं के, गौओं की
अधिकरण गौ में, गौ पर गौओं में, गौओं पर
संबोधन हे गौ! हे गौओ!
Class 7 Hindi Grammar Chapter 10 संज्ञा का रूप परिवर्तन
Class 7 Hindi Grammar Chapter 10
संज्ञा का रूप परिवर्तन
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