Class 7 Hindi Grammar Chapter 11 सर्वनाम

Class 7 Hindi Grammar Chapter 11 सर्वनाम (Sarvnaam). Class 7 Hindi Vyakaran contents in updated format for CBSE and State board based on latest Curriculum 2021-2022.

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कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 11 सर्वनाम

कक्षा: 7 हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 11सर्वनाम

सर्वनाम

संज्ञा के बदले प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं।
निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए:

    • (क) वह कहाँ जा रहा है?
    • (ख) गरीब को कुछ दे दो।
    • (ग) यह मेरी गुड़िया है।
    • (घ) मैं स्वयं चला जाऊँगा।

उपर्युक्त वाक्यों में वह, कुछ, मेरी और स्वयं किसी-न-किसी संज्ञा के बदले प्रयुक्त हुए हैं।




सर्वनाम के भेद

सर्वनाम के निम्नलिखित छह भेद होते हैं:

    • 1. पुरुषवाचक सर्वनाम
    • 2. निश्चयवाचक सर्वनाम
    • 3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
    • 4. प्रश्नवाचक सर्वनाम
    • 5. संबंधवाचक सर्वनाम
    • 6. निजवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम से पुरुष अर्थात् बातचीत या लेख के क्रम में बोलने वाले, सुनने वाले या जिसके विषय में कहा जाए उसका ज्ञान हो, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: मैंने तुम्हें उसकी कलम दी।
यहाँ “मैं” कहने वाले के लिए, “तुम” सुनने वाले के लिए और “उस” जिसकी चर्चा हो रही है के लिए प्रयुक्त हुए हैं। अत: ये तीन पुरुषवाचक सर्वनाम हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं:

    • क. उत्तम पुरुष
    • ख. मध्यम पुरुष
    • ग. अन्य पुरुष
उत्तम पुरुष

बोलने या लिखने वाला स्वयं के लिए जिस सर्वनाम का प्रयोग करता है, वह उत्तम पुरुष कहलाता है। जैसे: मैं, मैंने, मेरा, हम, हमने, हमारा आदि।

मध्यम पुरुष

जिसे संबोधित कर कहा या लिखा जाता है, उसे मध्यम पुरुष कहते हैं। जैसे: तू, तुम, आप।

अन्य पुरुष

जिसके विषय में कहा या लिखा जाता है, उसे अन्य पुरुष कहते हैं। जैसे: वह, वे, यह, ये, जो, सो, कुछ, कौन, कोई आदि।



निश्चयवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनामों का प्रयोग किसी निश्चित संज्ञाओं के स्थान पर किया जाता है, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: यह, वह।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी निश्चित संज्ञा का बोध कराने में सक्षम न हो उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: कोई, कुछ।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम पद प्रश्नवाचक शब्द के रूप में किसी संज्ञा शब्द के बदले प्रयोग में लाया गया हो, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं। “कौन” और “क्या” शब्द प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं।

संबंधवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम वाक्य में किसी दूसरे संज्ञा या सर्वनाम से संबंध बताता है, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: जो-सो, जैसा-वैसा आदि।

निजवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम निज या अपने-आप को बोध कराए, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: आप ही, स्वयं, खुद, अपने आप आदि।

सर्वनाम से संबंधित महत्तवपूर्ण बातें

(i) आदर प्रकट करने के लिए संज्ञा की तरह सर्वनाम का प्रयोग भी बहुवचन में होता है। जैसे: वे मेरे मामा हैं।
(ii) लिंग के कारण सर्वनाम में कोई परिवर्तन नहीं होता है। जैसे: वह लड़का है। वह लड़की है।
(iii) बल देने के लिए दो “कोई” और दो “कुछ” के बीच में “न” जोड़ दिया जाता है। जैसे: कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ आदि।
(iv) विभक्तियाँ सर्वनाम शब्दों के साथ जोड़कर लिखी जाती हैं। जैसे: उसका, मैंने आदि।
(v) “कोई” और ‘”किन्हीं” सर्वनामों का प्रयोग सजीव प्राणियों के लिए किया जाता है।
(vi) “कुछ” का प्रयोग निर्जीव पदार्थों के लिए किया जाता है।

सर्वनाम शब्दों की रूप-रचना

1. पुरुषवाचक सर्वनाम
(क) उत्तम पुरुष- “मैं”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता मैं, मैंने हम, हमने
कर्म मुझे, मुझको हम, हमको
करण मुझे, मेरे द्वारा हमें, हमारे द्वारा
संप्रदान मुझसे, मुझको, मेरे लिए हमें, हमको, हमारे लिए
अपादान मुझसे हमसे
संबंध मेरा, मेरी, मेरे हमारा, हमारी, हमारे
अधिकरण मुझमें, मुझ पर हममें, हम पर

नोट: सर्वनाम शब्दों में संबोधन नहीं होता है।

(ख) मध्यम पुरुष- “तू”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता तू, तूने तुम, तुमने
कर्म तुझे, तुमको तुम्हें, तुमको
करण तुझसे, तेरे द्वारा तुमसे, तुम्हारे द्वारा
संप्रदान तुझे, तेरे लिए तुमसे, तुम्हारे लिए
अपादान तुझसे तुमसे
संबंध तेरा, तेरी, तेरे तुम्हारी, तुम्हारा, तुम्हारे
अधिकरण तुझमें, तुझ पर तुम्हें, तुम पर




(ग) अन्य पुरुष- “वह”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता वह, उसने वे, उन्होंने
कर्म उसे, उसको उन्हें, उनको
करण उससे, उसके द्वारा उनसे, उनके द्वारा
संप्रदान उसको, उसे, उसके लिए उनको, उन्हें, उनके लिए
अपादान उससे उनसे
संबंध उसका, उसकी, उसके उनका, उनकी, उनके
अधिकरण उसमें, उस पर उनमें, उन पर
2. निश्चयवाचक सर्वनाम- “यह”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता यह, इसने ये, इन्होंने
कर्म इसे, इसको इन्हें, इनको
करण इससे, इसके द्वारा इनसे, इनके द्वारा
संप्रदान इसे, इसके लिए, इसको इन्हें, इनके लिए, इनको
अपादान इससे इनसे
संबंध इसका, इसकी, इसके इनका, इनकी, इनके
अधिकरण इसमें, इस पर इनमें, इन पर
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम- ‘कोई’
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कोई, किसी ने कोई, किन्होंने
कर्म किसी को किन्हीं को
करण किसी से, किसी के द्वारा किन्हीं से, किन्हीं के द्वारा
संप्रदान किसी को, किसी के लिए किन्हीं को, किन्हीं के लिए
अपादान किसी से किन्हीं से
संबंध किसी, किसी की, किसी के किन्हीं का, किन्हीं की, किन्हीं के
अधिकरण किसी में, किसी पर किन्हीं में, किन्हीं पर
4. संबंधवाचक सर्वनाम- “जो”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता जो, जिसने जो, जिन्होंने
कर्म जिसे, जिसको जिन्हें, जिनको
करण जिससे, जिसके द्वारा जिनसे, जिनके द्वारा
संप्रदान जिसको, जिसे, जिसके लिए जिनको, जिन्हें, जिनके लिए
अपादान जिससे जिनसे
संबंध जिसका, जिसकी, जिसके जिनका, जिनकी, जिनके
अधिकरण जिसमें, जिस पर जिनमें, जिन पर
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम- “कौन”
कारक एकवचन बहुवचन
कर्ता कौन, किसने कौन, किन्होंने
कर्म किसे, किसको किन्हें, किनको
करण किससे, किसके द्वारा किनसे, किनके द्वारा
संप्रदान किसे, किसको, किसके लिए किन्हें, किनको, किनके लिए
अपादान किससे किनसे
संबंध किसका, किसकी, किसके किनका, किनकी, किनके
अधिकरण किसमें, किस पर किनमें, किन पर

6. निजवाचक सर्वनाम- “आप”
कारक दोनों वचनों में समान रूप
कर्ता आप
कर्म अपने को
करण अपने से, अपने द्वारा
संप्रदान अपने को, अपने लिए
अपादान अपने से
संबंध अपना, अपने, अपनी
अधिकरण अपने में, अपने पर
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