Class 7 Hindi Grammar Chapter 3 संधि

Class 7 Hindi Grammar Chapter 3 संधि (Sandhi). Learn here about the Sandhi and Sandhi Vichchhed updated for academic session 2021-2022 CBSE and all State Boards. Contents are free to use without any login or registration.

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कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 3 संधि

कक्षा: 7 हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 3 संधि और संधि विच्छेद

संधि किसे कहते हैं?

बोलने की प्रक्रिया में द्रुत उच्चारण में एक के बाद एक में आने वाली दो ध्वनियों (वर्णों) में परस्पर निकटता होती है। प्रत्येक वर्ण का उच्चारण स्थान निश्चित है, इसलिए यह निकटता एक विशेष रूप में दिखाई देती है। पूर्व पद की अंतिम ध्वनि और दूसरे पद की प्रथम ध्वनि में परस्पर विकार संबंधी प्रक्रिया होती है। इसे ही संधि कहते हैं। संधि होने का मूल कारण है भाषा-प्रवाह।




ध्वनि/वर्ण

    • 1. नर + ईश – अ + ई = ए = नरेश
    • 2. सत् + जन – त + ज = ज्ज = सज्जन
    • 3. मनः + हर – विसर्ग + ह = मनोहर
    • 4. अति + अधिक – इ + अ = अत्यधिक

उपर्युक्त शब्दों में पहले शब्द की अंतिम ध्वनि (वर्ण) तथा दूसरे शब्द की पहली ध्वनि (वर्ण) के मिलने से जिस अन्य वर्ण ने स्थान लिया है, वह ध्वनियों के मेल से बना है। परिभाषाः ध्वनियों की परस्पर निकटता के कारण इनके आपसी मेल से उत्पन्न विकार को संधि कहते हैं।

संधि के भेद

स्वर संधि: स्वर + स्वर
व्यंजन संधि: व्यंजन + व्यंजन, व्यंजन + स्वर, स्वर + व्यंजन

स्वर संधि

स्वर के साथ स्वर का मेल होने से जो विकार होता है, वह स्वर संधि कहलाता है।

स्वर संधि के भेद
    • 1. दीर्घ
    • 2. गुण
    • 3. वृद्धि
    • 4. यण
    • 5. अयादि
दीर्घ संधि

हृस्व और दीर्घ समान स्वरों के निकट आने पर दीर्घ स्वर संधि होती है।

अ + अ = आ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
धर्म अर्थ धर्मार्थ
वेद अंत वेदांत
परम अर्थ परमार्थ
एक अंगी एकांगी



अ + आ = आ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
परम आनंद परमानंद
देव आलय देवालय
पुस्तक आलय पुस्तकालय
आ + आ = आ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
विद्या आलय विद्यालय
विद्या आनंद विद्यानंद
श्रद्धा आलु श्रद्धालु
इ + इ = ई
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
कवि इंद्र कवींद्र
रवि इंद्र रवींद्र
मुनि इंद्र मुनींद्र
उ + उ = ऊ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
सु उक्ति सूक्ति
लघु उत्तर लघूत्तर
गुरु उपदेश गुरूपदेश




गुण संधि
अ + इ = ए
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
ईश्वर इच्छा ईश्वरेच्छा
सुर इंद्र सुरेंद्र
आ + इ = ए
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
महा इंद्र महेंद्र
रमा इंद्र रमेन्द्र
अ + उ = ओ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
ज्ञान उपदेश ज्ञानोपदेश
सूर्य उदय सूर्योदय
चंद्र उदय चंद्रोदय
वृद्धि संधि
अ + ए = ऐ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
एक एक एकैक
लोक एषणा लोकैषणा
जीव एषण जीवैषण
अ + ओ = औ
शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
जल ओध जलौध
घृत ओदन घृतौदन
मधुर ओधन मधुरौधन
यण संधि

संधि के चिह्न (+) के उपरांत का स्वर मात्रा में बदल जाता है।
(क) यदि “इ” या “ई” के बाद “इ” या “ई” को छोड़कर कोई दूसरा स्वर हो, तो “इ” या “ई” का “य” हो जाता है।

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
यदि अपि यद्यपि
इति आदि इत्यादि
नदी आगमन नद्यागमन
नि ऊन न्यून

(ख) यदि “उ” या “ऊ” के बाद “उ” या “ऊ” को छोड़कर कोई दूसरा स्वर हो, तो “उ” या “ऊ” का “व्” हो जाता है।




शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
सु अल्प स्वल्प
अनु अय अन्वय
मनु अंतर मन्वंतर
अनु एषण अन्वेषण

(ग) यदि “ऋ” के बाद अन्य कोई स्वर हो, तो “ऋ” का “र” हो जाता है:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
मातृ आनंद मात्रानंद
मातृ आदेश मात्रादेश
पितृ आदेश पित्रादेश
अयादि संधि

(क) यदि “ए” के बाद अन्य स्वर हो, तो “ए” का “अय्” हो जाता है:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
ने अन नयन
शे अन शयन

(ख) यदि “ऐ” के बाद अन्य स्वर हो, तो “ऐ” का “आय” हो जाता है:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
नै अक नायक
गै अक गायक
नै इका नायिका
गै इका गायिका

व्यंजन संधि

व्यंजन के बाद व्यंजन या स्वर आने से जो परिर्वतन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं। व्यंजन + व्यंजन, व्यंजन + स्वर, स्वर + व्यंजन आने पर व्यंजन संधि होती है।
1. (क) यदि क्, च्, ट्, त्, प् के बाद कोई स्वर, किसी भी वर्ग का तीसरा, चौथा वर्ण या य, र, ल, व्, ह हो तो क्, च्, ट्, त्, प् का क्रमशः ग्, ज्, ड्, द्, ब् हो जाता है। जैसे:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
दिक् अंबर दिगंबर
वाक् ईश वागीश
जगत् ईश जगदीश
सत् गति सद्गति
षट् ऋतु षड्ऋतु

(ख) यदि क्, च्, ट्, त्, प् के बाद किसी भी वर्ग का पाँचवाँ वर्ण हो, तो क्, च्, ट्, त्, प् अपने वर्ग के पाँचवें वर्ण में बदल जाता है। जैसे:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
उत् नति उन्नति
वाक् मय वाङ्मय
षट् मास षण्मास

2. (क) यदि म् के बाद क् से लेकर म् तक का कोई वर्ण हो, तो म् उस वर्ग के पाँचवें वर्ण या अनुस्वार (‘) में बदल जाता है। जैसे:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
सम् कल्प संकल्प
सम् गति संगति
सम् चय संचय

(ख) यदि म् के बाद य, र, ल, व्, श्, ए, स्, ह् हो तो म् का अनुस्वार () हो जाता है। जैसे:

शब्द- 1 शब्द- 2 संधि शब्द
सम् सार संसार
सम् रक्षक संरक्षक
सम् हार संहार
सम् वाद् संवाद

विसर्ग संधि

विसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर जो परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
(क) यदि विसर्ग के पहले अ हो तथा विसर्ग के बाद अ, किसी भी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण या य्, र्, ल, व्, ह् में से कोई वर्ण हो, तो विसर्ग का ‘ओ’ हो जाता है। जैसे:
यशः + अभिलाषी = यशोभिलाषी

(ख) यदि विसर्ग से पहले अ, आ को छोड़कर कोई दूसरा स्वर हो तथा विसर्ग के बाद कोई स्वर, किसी भी वर्ग का तीसरा, चौथा, पाँचवाँ वर्ण या य, र, ल, व्, ह् में से कोई वर्ण हो, तो विसर्ग का “र” हो जाता है। जैसे:
1. निः + आशा = निराशा
2. दु: + जन = दुर्जन

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