Class 7 Hindi Grammar Chapter 18 संबंधबोधक

Class 7 Hindi Grammar Chapter 18 संबंधबोधक (Sambandhbodhak). Learn here about Sambandhbodhak Shabd and Sambandhbodhak Avyay ke Prakar updated for CBSE Session 2020-2021.

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कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 18 संबंधबोधक

कक्षा: 7हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 18संबंधबोधक शब्द

संबंधबोधक शब्द किसे कहते हैं?

ऐसे शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद प्रयुक्त होकर उनका वाक्य में आए अन्य संज्ञा सर्वनाम शब्दों से संबंध का बोध कराते हैं, संबंधबोधक कहा जाता है। निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़ें:

    • 1. मेरे घर के पीछे एक पेड़ है।
    • 2. ज्ञान के बिना सम्मान नहीं मिलता।
    • 3. पेड़ पर बंदर बैठा है।
    • 4. मेरे घर के सामने एक बगीचा है।




उपर्युक्त वाक्यों में के पीछे, के सामने, के बिना और पर शब्द का दूसरे संज्ञा या सर्वनाम शब्द से संबंध बता रहे हैं। जैसे- घर (संज्ञा) के सामने बगीचा संज्ञा। अतः ये शब्द संबंध प्रकट कर रहे हैं। अतः यह संबंधबोधक अव्यय है।

संबंधबोधक अव्यय के प्रकार

संबंधबोधक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

    • 1. संबद्ध
    • 2. अनुबद्ध
संबंद्ध संबंधबोधक अव्यय

संबंद्ध संबंधबोधक अव्यय संज्ञाओं की विभक्तियों के पीछे लगाए जाते हैं। जैसे: धन के बिना, स्नान से पहले, जाने के बाद, नर की तरह आदि।

अनुबद्ध संबंधसूचक अव्यय

संज्ञा के विकृत रूप के साथ प्रयुक्त होते हैं। जैसे: गिलास भर, किनारे तक, भरने तक, मित्रों सहित आदि।

हिंदी में मुख्य रूप से प्रयोग किए जाने वाले संबंधबोधक शब्द प्रायः दस प्रकार के होते हैं:

संबंधसूचक अव्ययसंबंधबोधक शब्द
कालवाचकपहले पीछे, उपरांत, आगे आदि।
स्थानवाचकसामने, भीतर, निकट, यहाँ आदि।
दिशावाचकआसपास, ओर, पार, तरफ आदि।
समतावाचकभाँति, समान, तुल्य, योग्य आदि।
साधनवाचकद्वारा, सहारे, मध्य, हाथ आदि।
विषयवाचकविषय, भरोसे, बाबत, नाम आदि।
विरुद्धवाचकविपरीत, खिलाफ, विरुद्ध, उलटे आदि।
समतावाचकसाथ, संग, सहचर आदि।
हेतुवाचकसिवा, लिए, कारण, वास्ते आदि।
तुलनावाचकअपेक्षा, आगे, सामने आदि।

संबंधबोधक और क्रिया-विशेषण में अंतर

क्रिया-विशेषण तथा संबंधबोधक दोनों अविकारी (अव्यय) शब्द हैं। अनेक शब्द ऐसे हैं जिनका प्रयोग क्रिया-विशेषण और संबंधबोधक दोनों प्रकार से किया जाता है; जैसे: नीचे, ऊपर, सामने, बाहर, भीतर, यहाँ आदि।

विशेष

जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं कि क्रिया कब, कहाँ, कैसे तथा कितनी हो रही है, उन्हें क्रिया-विशेषण कहा जाता है, जबकि जो शब्द वाक्य में आए संज्ञा/सर्वनाम शब्दों का एक-दूसरे से संबंध बताते हैं, उन्हें संबंधबोधक कहा जाता है। जैसे:

शब्दक्रिया-विशेषण के रूप में प्रयुक्तसंबंधबोधक के रूप में प्रयुक्त
सामनेसामने देखो।घर के सामने मंदिर है।
भीतरराजेश भीतर रहता है।संजय घर के भीतर है।
बाहरवह बाहर गया है।कमरे के बाहर उजाला है।
नीचेतुम नीचे जाओ।पेड़ के नीचे बंदर है।
पीछेवह पीछे चल रहा है।लक्ष्मण राम के पीछे चलता है।



स्मरणीय तथ्य

जो अव्यय शब्द वाक्य के संज्ञा, सर्वनाम के बाद प्रयुक्त होकर वाक्य के अन्य संज्ञा, सर्वनामों से संबंध बताते हैं, उन्हें संबंधबोधक कहते हैं। कुछ शब्द क्रिया-विशेषण और संबंधबोधक दोनों रूप में प्रयुक्त होते हैं, जो अव्यय दो संज्ञा या सर्वनाम शब्दों के बीच संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधबोधक कहते हैं। किंतु जब वे किसी वाक्य में आई क्रिया की विशेषता प्रकट करते हैं तो उन्हें क्रिया-विशेषण कहा जाता है। संबंधबोधकों के मुख्य प्रकार- कालसूचक, स्थानसूचक, समानतासूचक, तुलनासूचक, करणसूचक, दिशाबोधक, विरोध/समर्थनसूचक, विकल्पसूचक।

Class 7 Hindi Grammar Chapter 18 संबंधबोधक
Class 7 Hindi Grammar Chapter 18