Class 7 Hindi Grammar Chapter 20 विस्मयादिबोधक

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कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 20 विस्मयादिबोधक शब्द

कक्षा: 7हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 20विस्मयादिबोधक शब्द

विस्मयादिबोधक

जो शब्द आश्चर्य (विस्मय) शोक, घृणा, प्रसन्नता, भय आदि भावों का बोध कराते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक शब्द कहते हैं। “विस्मयादिबोधक” शब्द का अर्थ- विस्मय + आदि + बोधक अर्थात् विस्मय (आश्चर्य) आदि मन के भावों या उदगारों का बोध कराने वाले शब्द; जैसे:

    • 1. वाह भगवान! आखिर तुमने मेरी सुन ही ली।
    • 2. अच्छा! फिर मिलेंगे।
    • 3. छिः छिः कितनी गंदगी है।
    • 4. शाबाश! तुम बहुत बहादुर हो।
    • 5. ओहो! तो यह सब तुमने बनाया है।
    • 6. बाप रे बाप! इतनी दुर्घटना।




इन वाक्यों में आए शब्द वाह भगवान, अच्छा, छिः छिः, शाबाश, ओहो, बाप रे बाप, क्रमशः खुशी, प्रशंसा, सहानुभूति, संबोधन, आश्चर्य और चेतावनी के भावों को प्रकट करते हैं। अतः इन्हें विस्मयादिबोधक शब्द कहते हैं।

विस्मयादिबोधक के भेद

अर्थ की दृष्टि से विस्मयादिबोधक शब्दों के प्रमुख भेद निम्नलिखित होते हैं:

1. विस्मयबोधक

यह मन के आश्चर्य को प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) सच! क्या ये सब हो सकता है?
    • (ख) अरे! नेहा गा भी लेती है।
2. हर्षबोधक

यह मन की प्रसन्नता प्रकट करते हैं। जैसे:

    • (क) आहा! तो तुम प्रथम आ ही गए।
    • (ख) वाह! कितना सुंदर मकान है।
3. शोकबोधक

यह मन के शोक (दु:ख) को प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) हाय! उसका पैर टूट गया।
    • (ख) ओह! तुम बहुत बीमार हो।
4. स्वीकारबोधक

यह किसी बात को स्वीकार करने का भाव प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) बिल्कुल! तुमने उस समय सही कहा था।
    • (ख) हाँ! घूमने चले जाओ।



5. घृणाबोधक

यह घृणा अथवा तिरस्कार का भाव प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) धत् ! तुम तो बिल्कुल बेकार हो।
    • (ख) छि: छि:! वह बहुत गंदा है।
6. क्रोधबोधक

यह मन के क्रोध को प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) अरे! मेरी बात मानता है या नहीं?
    • (ख) चुप रहो! वरना मार खाओगे।
7. विवशताबोधक

यह वक्ता की विवशता को प्रकट करते हैं। जैसे:

    • (क) काश! मैं आपकी सहायता कर सकता।
    • (ख) कदाचित! वह ऐसा न करता।
8. भयसूचक

यह मन के भय को प्रकट करते हैं। जैसे:

    • (क) ओ माँ! यह सब क्या हो गया।
    • (ख) हे भगवान! मुझे बचा लो।
    • (ग) बाप रे! कितना भयंकर चेहरा है।
    • (घ) हाय! कुत्ते को दूर करो।
9. संबोधनबोधक

संबोधन के लिए इन विस्मयादिबोधक का प्रयोग किया जाता है। जैसे:

    • (क) सुनो! यह काम आज खत्म हो जाना चाहिए।
    • (ख) ऐ! ये क्या कर रहे हो?
    • (ग) अरे! लड़के कहाँ जा रहे हो?
    • (घ) अजी! सुनते हो।




10. आशीर्वादबोधक

यह आशीर्वाद का भाव प्रकट करता है। जैसे:

    • (क) खूब फूलो फलो!
    • (ख) जय हो!
    • (ग) जियो
    • (घ) चिरंजीव रहो।

कभी-कभी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अविकारी शब्द भी विस्मयादिबोधकों के रूप में प्रयोग किए जाते हैं।
जैसे:
संज्ञाः राम राम! सुदेश से ऐसी आशा न थी।
सर्वनामः क्या! राघव ने प्रतियोगिता जीत ली।
विशेषण:- अच्छा! तुम्हारी बात ही ठीक होगी।
क्रिया: जाओ! अपना काम करो।
इन वाक्यों में राम-राम, क्या, अच्छा और जाओ शब्द विकारी हैं।
इनका प्रयोग विस्मयादिबोधक के रूप में हुआ है।

सारणी- 1
विस्मयादिबोधक भावविस्मयादिबोधक शब्द
विस्मय (आश्चर्य) बोधकक्या, अरे, अहो, है, सच, ओह, ओहो आदि।
शोकबोधकउफ, आह, हाय, हे राम, राम-राम आदि।
प्रशंसाबोधकशाबाश, वाह, अति, सुंदर आदि।
हर्षबोधकवाह, धन्य, अहा आदि।
क्रोधबोधकअरे, चुप आदि।
भयबोधकहाय, बाप रे आदि।
सारणी- 2
विस्मयादिबोधक भावविस्मयादिबोधक शब्द
चेतावनीबोधकखबरदार, बचो, सावधान आदि।
घृणाबोधकछि: छिः, धिक्कार, उफ, धत् आदि।
इच्छाबोधककाशहाय आदि।
अनुमोदनबोधकअच्छा, हाँ हाँ, ठीक आदि।
आशीर्वादबोधकशाबाश, जीते रहो आदि।

विस्मयादिबोधक शब्दों के आगे विस्मयादिबोधक-चिह्न लगाया जाता है। ये शब्द वाक्य के अंग नहीं होते। इनका कार्य विशेष भाव प्रकट करना होता है।



स्मरणीय तथ्य

जिन शब्दों से हृदय के विस्मय आदि आवेगों का बोध होता है, उन्हें विस्मयादिबोधक कहा जाता है। विस्मयादिबोधक शब्दों के साथ विस्मयसूचक चिह्न (! ) अवश्य प्रयोग होता है।

Class 7 Hindi Grammar Chapter 20
Class 7 Hindi Grammar Chapter 20 विस्मयादिबोधक