Class 7 Hindi Grammar Chapter 32 मुहावरे और लोकोक्तियाँ

Class 7 Hindi Grammar Chapter 32 मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan). Learn here how Muhavare are useful in Hindi Vyakaran to improve the quality of Language.

Hindi Vyakaran for class 7 is updated for academic session 2020-2021 CBSE and State board also. Many examples of Muhavare and Lokoktiyan help the students to know about their way of use and importance.

कक्षा 7 हिन्दी व्याकरण पाठ 32

कक्षा: 7हिन्दी व्याकरण
अध्याय: 32मुहावरे और लोकोक्तियाँ

मुहावरे किसे कहते हैं?

ऐसे शब्द समूह जो वाक्य में प्रयुक्त होने पर सामान्य अर्थ के स्थान पर कुछ विशेष अर्थ प्रकट करते हों, उन्हें मुहावरे कहते हैं। निम्नलिखित वाक्यों पर ध्यान दीजिए:

    • 1. राम राजा दशरथ की आँखों के तारे थे।
    • 2. शिवाजी ने मुगलों के छक्के छुड़ा दिए।




उपर्युक्त वाक्यों में “आँखों के तारे”, “छक्के छुड़ाना” और “लोहा लेना” ऐसे शब्द समूह हैं जो वाक्य में कुछ विशेष अर्थ प्रकट कर रहे हैं। इनका सामान्य अर्थ वाक्य में कोई महत्व नहीं रखता।
मुहावरों के प्रयोग से भाषा सजीव, सरस और आकर्षक बनती है। मुहावरों का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता। इसका प्रयोग किसी वाक्य के साथ ही होता है। मुहावरों के शब्दों का सामान्य अर्थ नहीं लिया जाता बल्कि उसका विशेष लाक्षणिक अर्थ होता है।

मुहावराअर्थउदाहरण
अँगूठा दिखानामना करनामित्र समझ कर मैंने राम से सहायता माँगी, किन्तु उसने अँगूठा दिखा दिया।
आकाश-पाताल एक करनाबहुत परिश्रम करनाआकाश-पाताल एक करके अपनी कक्षा में प्रथम आ ही गई।
आसमान से बातें करनाबहुत ऊँचा उठनादिल्ली महानगरी के बहुमंजिले भवन मानो आसमान से बातें करते हैं।
आसमान सिर पर उठानाबहुत शोर करना इस कक्षा के छात्रों ने तो आसमान सिर पर उठा रखा है।
आँखें बिछानासत्कार करनागाँधीजी जहाँ भी जाते थे, जनता उनके लिए आँखें बिछाए खड़ी रहती थी।
अपना-सा मुँह लेकर रह जानालज्जित होनाओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ी अपना-सा मुँह लेकर रह गए।

प्रचलित मुहावरो के कुछ अन्य उदाहरण

    • 1. अपना उल्लू सीधा करना (अपना मतलब निकलना)- उसने तुम जैसे अमीर व्यक्ति से इसलिए दोस्ती की जिससे वह अपना उल्लू सीधा कर सके।
    • 2. अपने मुँह मियाँ मिठू बनना (अपनी प्रशंसा खुद करना)- उसे सबमें अवगुण ही दिखाई देते हैं, बस सदा अपने मुँह मियाँ मिठू बनता रहता है।
    • 3. आँखें खुलना (होश आना)- जब मित्र को अपनी आँखों से बेइमानी करते हुए देख लिया तब राकेश की आँखें खुलीं।
    • 4. आँखों से गिरना (सम्मान नष्ट होना)- परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े जाने पर राजेश सभी की आँखों से गिर गया।
    • 5. आग बबूला होना (क्रोध से भर जाना)- पता नहीं मनोज को क्या हो गया है, छोटी-छोटी बात पर आग बबूला हो जाता है।




    • 6. आगे-पीछे करना (चापलूसी करना)- स्वार्थी व्यक्ति सम्मान की चिंता न करके आगे-पीछे फिरता है। अंगारे बरसना (बहुत अधिक गर्मी पड़ना)- राजस्थान में जेठ के महीने में अंगारे बरसते हैं।
    • 7. अंगारों से खेलना (खतरा मोल लेना)- सैनिक अंगारों से खेलकर सीमाओं की रक्षा करते हैं।
    • 8. अक्ल का दुश्मन (मूर्ख)- तुम्हारी समझ में कुछ भी नहीं आएगा क्योंकि तुम तो अक्ल के दुश्मन हो। अपनी खिचड़ी अलग पकाना (सबसे अलग रहना)- रमेश कुछ नहीं सुनता हमेशा अपनी खिचड़ी अलग पकाता है।
    • 9. आकाश-पाताल एक करना (पूरा प्रयत्न करना)- नौकरी पाने के लिए लोग आकाश-पाताल एक कर देते हैं।
    • 10. आटे-दाल का भाव मालूम होना (कठिनाई में पड़ना)- पिताजी की कमाई पर ऐश कर लो जब खुद कमा कर खाना पड़ेगा तो आटे-दाल का भाव मालूम पड़ जाएगा।

लोकोक्तियाँ

निम्नलिखित वाक्यों पर ध्यान दीजिए:

    1. खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
    2. घर का भेदी लंका ढाए।
    3. जिसकी लाठी उसकी भैंस।

उपर्युक्त वाक्यों में जीवन की या अनुभवजन्य कुछ सत्य बातें कही गई हैं। बोलते समय अक्सर लोग इसका प्रयोग करते हैं व इससे मिलती-जुलती दशा पर व्यंग्य करते हैं या उससे सीख लेते हैं। जनसाधारण में प्रचलित कहावतें ही लोकोक्तियाँ कहलाती हैं। लोकोक्तियाँ भी मुहावरे की तरह विशेष अर्थ प्रकट करती हैं। लोकोक्तियाँ वाक्यांश न होकर एक संपूर्ण वाक्य होता है। अपने कथन पर बल देने के लिए लोकोक्ति का प्रयोग किया जाता है। लोकोक्ति का प्रयोग करने से भाषा में सजीवता आती है तथा वह आकर्षक बनती है।




प्रचलित लोकोक्तियाँ

लोकोक्तिअर्थ
आम के आम गुठलियों का दामदुहरा फायदा
अधजल गगरी छलकत जाएथोड़ा हासिल होने पर घमंड होना
अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेतकाम का समय बीत जाने पर पछताने से क्या लाभ
आँख का अंधा, नाम नयनसुखगुण के विपरीत नाम
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता
अक्ल बड़ी या भैंसशारीरिक बल की अपेक्षा बुद्धिबल श्रेष्ठ है

प्रचलित लोकोक्तियों के कुछ अन्य उदाहरण

    1. आ बैल मुझे मार- (स्वयं विपत्ति को बुलाना)
    2. अंधों में काना राजा- (मूों में थोड़ा बुद्धिमान)
    3. एक पंथ दो काज- (एक समय में दो कार्य की सिद्धि)
    4. उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे- (गलती होते हुए भी न मानना)
    5. ऊँची दुकान, फीका पकवान- (बड़ा दिखावा, पर भीतर से खोखला)
    6. एक अनार, सौ बीमार- (एक चीज के अनेक ग्राहक)
    7. कंगाली में आटा गीला- (मुसीबत में मुसीबत आ पड़ना)
    8. कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली- (बराबर के न होना)
    9. खोदा पहाड़, निकली चुहिया- (प्रयत्न अधिक लाभ कम)
    10. घर का भेदी लंका ढाए- (आपस की फूट से हानि होती है)



स्मरणीय

    • ऐसे शब्द-समूह जो वाक्य में प्रयुक्त होने पर सामान्य, अर्थ के स्थान पर कुछ विशेष अर्थ प्रकट करते हों, उन्हें मुहावरे कहते हैं।
    • कोई पूरा कथन किसी विशेष प्रसंग में उद्धृत किया जाता है तो उसे लोकोक्ति कहते हैं।
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